ब्राह्मण साहित्य (वेद)
वेद: ब्राह्मण साहित्य: वेद शब्द संस्कृत की" विद धातु "से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है जानना अथवा ज्ञान प्राप्त करना साहित्यिक दृष्टि से भारत में अत्यधिक समृद्धि थी ऐसा कोई भी ज्ञान नहीं था जिसका उल्लेख वैदिक साहित्य में नहीं किया गया हो वेदों अपौरुषेय भी कहा गया है क्योंकि ये मानव द्वारा रचित नहीं है इनकी रचना ऋषियो द्वारा वनों में की गई विभिन्न कालों में भिन्न-भिन्न ऋषियों द्वारा इनमें मंत्रों का संकलन किया गया जिसे संहिता कहा जाता है प्रारंभ में ने लिपि वृद्धि नहीं किया गया इन्हें मौखिक रूप से सुनकर याद रखा गया इसलिए इन्हें श्रुति भी कहा जाता है वेदों के द्वारा हमें संपूर्ण और सभ्यता भी जानकारी मिलती है वेदों की संख्या 4 है ऋग्वेद ,सामवेद ,यजुर्वेद ,अर्थववेद 1 ऋग्वेद: - ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है इसमें 10 अध्याय और 1028 सुक्त है इसमें छंदों में रचित देवताओं की स्तुति क्या है प्रत्येक सुक्त में एक देवता और एक ऋषि का नाम लिखित है अनेक ऋषियो द्वारा लिखित इन सूक्तो को आज्ञादी , धार्मिक अनुष्ठानों शादी के समय देवताओं दे प्...